Why don't you save | Kyun saving nahi hoti



Dear friends, as you all know, I have been working in property for many years, so I have met many people whose income is very high, but their savings are not according to income, the reasons are from it, and my I will try to look at all the main points, and so I am doing this, why the coming situation is going to be very difficult, in today's era if we do not handle Difficulties can take a terrible form if we go, they say that money is not everything, it is also right to some extent, but this saying is that when the importance of human being was more than money, then this saying is right nowadays. Prove it is not necessary We use ourselves as an instrument throughout our life, so why should we do something better for our children and family, and they do not have to face difficulties in the coming times, in that direction we are busy throughout our age , But human nature is somewhat fickle and greedy, which serves to distract us from our goal and we also go astray, and our campaign seems to be tarnishing somewhere. is In today's life, if you step outside, you will see many reasons to entice you, if you do the normal thing, then you go out on the purchase and take four things and bring double things, why have you ever thought? You had to take four things according to the list, and there was a need as well, but then what happened that the list of your purchases was increased? Due to lack of mind, temptation or you will be a victim of pull marketing It happened that you saw something similar which was not in your list, but you thought that these things will make your life easier or better, not only that, the sales person who is doing his work there also inspired you. I bought an extra baggage, I always remember a similar situation, I met a person, they had a big car, about 7 people as big as what we call SUV, and I said Asked a large family think you? He said otherwise, who told you? I said this is such a big car, your family will also be big, they said no, it is not necessary, so I postponed it and started talking about my work, in a few days, they gave the house earnest and started the process. Of The bank also started the loan process and in two days, the call came from the bank, your income is fine, but because you have already taken loans, you will be able to work with us as much as you want, either After repaying the old loan and inform us, then we will provide you the loan according to your need. And then they called me and told me all these things, then I discussed with them all the debts running on them, then it was found that they had more loan of the same vehicle which they had taken on the basis of their hobbies, at that time I asked them that question. Reminded me of what I had done to them, then they said, it was a mistake, we had gone to take the buggy but the Sales Manager inspired us and we set fire to their talk, the result must be to buy the house So he had to sell his car that he had taken a few months ago, which had suffered a direct loss of half a million It is called in English Pull Marketing, you have to decide the needs of your life yourself, if you become dependent on someone else, then you can read to suffer far-reaching negative consequences, There are some other habits like this in people - Buying again despite anything in the house - Buying excessively - non-urgent tour - Have just taken it but new ones have come, buy it, and do not know how many such habits are seen in every other human being Those who are not used to budgeting, they should adopt this good habit as soon as possible, the more you delay, the more you will be hurt. By the way, nowadays there are many mobile budget apps that you can use to control your income and expenses, but I have fixed a simple solution for you, due to which you can prepare a fixed outline on your income and expenses, I have prepared this in Google Sheet, which will be linked to you in the description of this video, by clicking on which you can access the sheet (comment me if there is any problem), I will soon make a Tutorial Video on the Account Sheet so that you will It will be easy to understand, understand it with full concentration and incorporate it in your life, always remember one thing, do not spend your hard earned money on the opinion of others, only after understanding every aspect closely. The limit of f should be fixed, why the speed of Lakshmi is slow and going fast, it is not necessarily what you do, how much you earn or where you live, many things of life are available to everyone Sees I hope my effort will work for you, Your good thinker Pravinkumar


प्रिय दोस्तों जैसा के आप सभी जानते हैं में प्रॉपर्टी में कई वर्षों से कार्यरत हूँ, तो मेरी मुलाक़ात ऐसी कई व्यक्तियों से हुई है जिनकी आय बहोत ज़्यादा होती है मगर उनकी बचत आय के मुताबिक़ नहीं हो पाती, कारण बहोत से हैं इसमें, और मेरी कोशिश होगी में सभी मुख्य बिंदुओं पर गौर फ़रमाऊँ, और इसलिए में ये काम कर रहा हूँ, क्यूँ के आने वाली स्तिथि बहोत कठिन होने वाली है, आज के युग में अगर हम संभल कर नहीं चले तो कठिनाइयाँ भयंकर रूप ले सकती है, कहते हैं पैसा सब कुछ नहीं होता, ये कुछ हद तक सही भी है, मगर ये कहावत तब की है जब इंसान की अहमियत पैसों से ज़्यादा हुआ करती थी, तो आज के वक़्त ये कहावत सही साबित हो ये ज़रूरी नहीं

हम उम्र भर अपने आप को एक यंत्र की तरह इस्तेमाल करते हैं सिर्फ़ इसलिए क्यूँ के हम अपने बचों और परिवार के लिए कुछ बेहतर कर पाएँ, और उन्हें आनेवाले वक़्त में कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े, इसी दिशा में हम उम्र भर व्यस्त रहते हैं, मगर इंसान का स्वभाव कुछ चंचल और लालची होता है, जो हमें अपने लक्ष्य से भटकाने का काम करता है और हम भटक भी जाते हैं, और हमारा अभियान कहीं ना कहीं धूमिल होता नज़र आता है

आज के जीवन में अगर आप बाहर कदम रखेंगे तो आपको लुभाने के कई सारे कारण दिखाई देंगे, अगर सामान्य बात करें तो आप ख़रीद दारी पर निकलते हैं चार चीजें लेने और लेकर आते हैं दोगुनी चीजें, ऐसा क्यूँ होता है कभी आपने सोचा है? आपको तो सूची के अनुसार चार चीजें ही लेनी थी, और उतनी ही ज़रूरत भी थी मगर फिर ऐसा क्या हुआ जो आपकी ख़रीद दारी की सूची बढ़ गई ? कारण मन पर क़ाबू न होना, लुभावना पन या फिर आप pull marketing का शिकार होगाए

हुआ यूँ के आपको कुछ ऐसे समान दिखाई दिए जो आपकी सूची में नहीं थे, मगर आपको लगा के इन सामानों से आपका जीवन और सरल या और बेहतर हो जाएगा, इतना ही नहीं वहाँ खड़ा sales person जो अपना काम कर रहा है उसने आपको प्रेरित भी किया कुछ अतिरिक्त सामान ख़रीदने में, एक ऐसा ही क़िस्सा मुझे हमेश याद आता है, में एक व्यक्ति से मिला था, उनके पास एक बड़ी कार थी लगभग 7 लोगों के बैठने जितनी बड़ी जिसे हम SUV कहते हैं, और मैंने उनसे पूछा काफ़ी बड़ा परिवार लगता है आपका ? उन्होंने कहा नहीं तो आपसे किसने कहा ? मैंने कहा इतनी बड़ी कार है आपकी तो परिवार भी बड़ा ही होगा, उन्होंने कहा नहीं ऐसा ज़रूरी तो नहीं है, तो मैंने बात टाल दी और अपने काम की बात शुरू कर दी, कुछ दिनों में उन्होंने घर का बयाना दिया और आगे की प्रक्रिया शुरू की

बैंक ने भी ऋण की प्रक्रिया शुरू की और दो दिनों में बैंक से कॉल आया आपकी आय तो ठीक है, मगर आपने पहले से ही लोन लिए हुए हैं उनके चलते आपको हम जितना आप चाहते हैं उस से काम ही दे पाएँगे, या तो आप कुछ पुराना ऋण चुकता करके हमें सूचित करें, फिर हम आपको आपकी ज़रूरत के मुताबिक़ ऋण प्रदान कर देंगे

और फिर उन्होंने मुझे कॉल किया और ये सब बातें बताई तब मैंने उनसे उनके ऊपर चल रहे सभी ऋण की चर्चा की तो पता चला उनके ऊपर उसी गाड़ी का ऋण ज़्यादा था जो उन्होंने अपने शौक़ के आधार पर ली थी, उसी वक्त मैंने उन्हें उस सवाल को याद दिलाया जो मैंने उनसे किया था, तब उन्होंने कहा, ये एक गलती थी, हम तो छोटी गाड़ी लेने ही गए थे मगर Sales Manager ने हमें प्रेरित किया और हम उनकी बातों में आगए, नतीजा घर ख़रीदना ज़रूरी था तो उन्हें अपनी वो गाड़ी बेचनी पड़ी जो उन्होंने कुछ ही महीनो पहले ली थी, जिसका उन्हें पाँच लाख का सीधा नुक़सान भी झेलना पड़ा

इसे English में कहते हैं Pull Marketing, आपके अपने जीवन के ज़रूरतों को आपको स्वयं तय करना है, अगर आप किसी और पर निर्भर हो जाएँ तो आपको दूरगामी नकारात्मक परिणाम भुगतने पढ़ सकते हैं,

कुछ इस तरह की और भी आदतें हैं लोगों में जैसे

  • घर में कोई चीज़ होते हुए भी दोबारा ख़रीदना

  • ज़रूरत से ज़्यादा ख़रीद दारी करना

  • ग़ैर ज़रूरी दौरे करना

  • अभी लिया है मगर नया आया है ख़रीद लेते हैं, और न जाने कितनी ऐसी आदतें जो हर दूसरे इंसान में देखी जाती है

जिहें Budgeting की आदत नहीं है उन्हें ये अछी आदत जल्द से जल्द अपना लेनी चाहिए, जितना आप देरी करेंगे उतना ही आपका नुक़सान होता जाएगा

वैसे तो आज कल कई सारे Mobile budget apps हैं जिनका इस्तेमाल करके आप अपना आय और खर्च पर नियंत्रण रख सकते हैं मगर मैंने आपके लिए एक सरल उपाय निजात किया है जिसके चलते आप अपनी आय और खर्च पर एक तय रूपरेखा तैयार कर सकते हैं,

ये मैंने Google Sheet में तैयार की है जो आपको इस विडीओ के description में लिंक होगी जिसपर क्लिक करके आप Sheet Access कर सकते हैं (अगर कोई परेशानी हो तो मुझे comment करें), में जल्द ही Account Sheet पर भी एक Tutorial Video बनाऊँगा जिससे आपको समझने में आसानी होगी, आप पूरी एकाग्रता के साथ इसे समझें और अपने जीवन में समावेश कर लें, एक बात हमेशा याद रखिए अपने मेहनत की कमाई को दूसरों की राय पर खर्च मत कीजिए, हर एक पहलू को बारीकी से समझ कर ही खर्च की सीमा तय करनी चाहिए, क्यूँ के लक्ष्मी की गति आती हुई धीमी और जाती तेज हुई होती है, ये ज़रूरी नहीं के आप क्या करते हैं कितना कमाते हैं या कहाँ रहते हैं, जीवन की बहोत सी बातें हर इंसान को एक ही नज़र से देखती है

उम्मीद करता हूँ मेरी कोशिश आपके बहोत काम आएगी,

आपका शुभ चिंतक Pravinkumar



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